मोबाइल कैमरे ने बचाई बुजुर्ग की इज्जत, फर्जी छेड़खानी के आरोप से बचे ब्राह्मण

Mobile camera saves elderly man's dignity; Brahmin escapes false molestation charge.

कानून के दुरुपयोग पर फिर उठे सवाल, महिला उत्पीड़न और SC-ST Act के गलत इस्तेमाल की चर्चा तेज

चौथी वाणी | गाजीपुर: समाज में कानून के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला एक बुजुर्ग ब्राह्मण से जुड़ा है। आरोप है कि खेत हड़पने की नीयत से एक महिला ने उन पर छेड़खानी का आरोप लगाने के लिए अपना कपड़ा फाड़कर शोर मचाया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और मोबाइल से बने वीडियो के कारण बुजुर्ग फर्जी मुकदमे में फंसने से बच गए।

मोबाइल वीडियो बना अहम सबूत

बताया जा रहा है कि घटना के दौरान मौजूद लोगों ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। यही वीडियो पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण आधार बना, जिसके चलते बुजुर्ग पर लगे आरोपों की सच्चाई सामने आने में मदद मिली और वे कथित तौर पर फर्जी मामले में फंसने से बच गए।

SC-ST Act से जुड़ा एक और मामला आया सामने

इसी तरह गाजीपुर से एक अन्य मामला भी सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत के बाद SC-ST Act के तहत मामला दर्ज किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों में कानूनों के कथित दुरुपयोग की घटनाएं बढ़ रही हैं।

कानून विशेषज्ञों ने जताई चिंता

कानूनविदों का कहना है कि महिला उत्पीड़न और SC-ST Act जैसे कानून समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। लेकिन यदि इनका दुरुपयोग होता है, तो इससे न केवल निर्दोष लोगों को परेशानी होती है, बल्कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने में भी कठिनाई पैदा हो सकती है और समाज में अविश्वास का माहौल बनता है।

हर शिकायत की निष्पक्ष जांच का दावा

पुलिस प्रशासन का कहना है कि हर शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाती है। यदि जांच में शिकायत झूठी या तथ्यहीन पाई जाती है, तो झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।

नोट: इस रिपोर्ट में वर्णित आरोप संबंधित पक्षों के दावे और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। इन आरोपों की पुष्टि सक्षम जांच एजेंसी द्वारा की जानी बाकी है।

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